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Showing posts from April, 2018

पावापुरी राइस मिल में आम दिनों की तरह होता रहा संचालन

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-संचालक ने कहा इडी की जांच में कई तथ्यों को छुपाया गया है -संपत्ति का मूल्यांकन सही तरीके से नहीं करने का लगाया आरोप  पावापुरी।  पावापुरी राइस मिल के ऊपर धान घोटाले में हुई प्रर्वतन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई की खबरों के बाद गुरुवार को मिल में आम दिनों की तरह कामकाज होता रहा। पावापुरी में इस मामले को लेकर गहमागहमी रही लेकिन मिल के संचालन पर कोई खास असर देखने को नहीं मिला। इधर राइस मिल के संचालक दिनेश प्रसाद गुप्ता ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि ईडी की जांच निष्पक्ष नहीं है। ईडी द्वारा संपत्तियों का मूल्यांकन 27 मार्च 2018 के हिसाब से किया गया है। 2006 से अर्जित संपत्तियों का भी मूल्यांकन अटैचमेंट किया गया है। अगर संपत्ति खरीद के तिथि से मूल्यांकन होगा तो जमीन का मूल्य 50 लाख होगा जबकि ईडी द्वारा इसका मूल्यांकन एक करोड़ आठ लाख रुपये किया है। लोन से खरीदी गयी है मिल की संपत्ति दिनेश ने अपना पक्ष जारी करते हुए कहा है कि पावापुरी राइस मिल और पावापुरी कंपनी की संपत्ति लोन के माध्यम से खरीदी गयी है साथ ही बिहार सरकार से 90 लाख 15 हजार का अनुदान भी ...

धान घोटाला मामले में ईडी ने जब्त की पावापुरी राइस मिल की 4.21 करोड़ की संपत्ति

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पटना.  राज्य में हुए धान घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की. इसके तहत नालंदा जिला के डिफॉल्टर राईस मिलर मेसर्स पावापुरी राइस मिल की चार करोड़ 21 लाख से ज्यादा की संपत्ति को जब्त कर लिया. ईडी की विशेष टीम ने मिल मालिक दिनेश प्रसाद गुप्ता के खिलाफ गिरियक थाना में भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था. इन्होंने धान की खरीद सरकार से कर ली, लेकिन चावल बदले में नहीं लौटाया. इसने करीब एक लाख 29 हजार क्विंटल चावल का गबन इस तरह से कर लिया था. इसके अलावा बिहार राज्य खाद्य आपूर्ति निगम को 54 हजार 165 क्विंटल चावल नहीं लौटाया था. इस तरह राज्य सरकार का करीब 10 करोड़ 15 लाख रुपये का नुकसान सीधे तौर हुआ है. ईडी की जांच में यह बात सामने आयी कि पावापुरी राइस मिल में दिनेश प्रसाद गुप्ता ने अपने भाई बिनेश प्रसाद गुप्ता, मनोज कुमार और पिता रामचंद्र साव को पर्टनर बना रखा था. खूब लगाये जमीन मेंं रुपये जांच में यह भी पता चला कि वित्तीय वर्ष 2012-13 और 2013-14 के दौरान भारी मात्रा में कैश जमा किया था. पूछताछ के दौरान उन्होंने बैंक का पासबुक...