धान घोटाला मामले में ईडी ने जब्त की पावापुरी राइस मिल की 4.21 करोड़ की संपत्ति

पटना. राज्य में हुए धान घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की. इसके तहत नालंदा जिला के डिफॉल्टर राईस मिलर मेसर्स पावापुरी राइस मिल की चार करोड़ 21 लाख से ज्यादा की संपत्ति को जब्त कर लिया. ईडी की विशेष टीम ने मिल मालिक दिनेश प्रसाद गुप्ता के खिलाफ गिरियक थाना में भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था. इन्होंने धान की खरीद सरकार से कर ली, लेकिन चावल बदले में नहीं लौटाया. इसने करीब एक लाख 29 हजार क्विंटल चावल का गबन इस तरह से कर लिया था. इसके अलावा बिहार राज्य खाद्य आपूर्ति निगम को 54 हजार 165 क्विंटल चावल नहीं लौटाया था. इस तरह राज्य सरकार का करीब 10 करोड़ 15 लाख रुपये का नुकसान सीधे तौर हुआ है. ईडी की जांच में यह बात सामने आयी कि पावापुरी राइस मिल में दिनेश प्रसाद गुप्ता ने अपने भाई बिनेश प्रसाद गुप्ता, मनोज कुमार और पिता रामचंद्र साव को पर्टनर बना रखा था.
खूब लगाये जमीन मेंं रुपये
जांच में यह भी पता चला कि वित्तीय वर्ष 2012-13 और 2013-14 के दौरान भारी मात्रा में कैश जमा किया था. पूछताछ के दौरान उन्होंने बैंक का पासबुक, कैशबुक समेत अन्य सभी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाये. उन्होंने अपने भाई और पत्नी नीलम देवी के नाम पर लाखों रुपये के जमीन के प्लॉट खरीद रखा है. पत्नी के नाम पर 52.18 लाख रुपये की जमीन है, जबकि वह एक हाउस वाइफ हैं. बिनेश प्रसाद गुप्ता अपने दो बेटों को उच्च शिक्षा दिला रहे हैं, जिसमें एक को रूस में मेडिकल और दूसरे को पुणे में वकालत की पढ़ाई करवा रहा है. इन दोनों की फीस उसके घोषित आय से अदा कर पाना संभव नहीं है. नवादा में दिनेश गुप्ता ने अपनी राईस मिल के नाम पर 114 डिसिमल जमीन खरीद रखा है, जिसका सरकारी मूल्य 10.54 लाख रुपये है.
जलमंदिर ब्रांड के नाम से चावल का भी है कारोबार 
इन संपत्तियों को ईडी ने किया जब्त
- पावापुरी राइस मिल प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर नवादा में प्लॉट
- दिनेश प्रसाद गुप्ता के नाम पर नालंदा में दो जमीन के प्लॉट
- नीलम देवी के नाम पर नालंदा और आसपास के इलाके में जमीन के सात प्लॉट
- भाई बिनेश प्रसाद गुप्ता के नाम पर नालंदा में 18 और नवादा में दो प्लॉट
- मनोज कुमार के नाम पर एक प्लॉट
- पावापुरी राइस मिल का भवन, जिसका मूल्य एक करोड़ 85 लाख
- राइस मिल का प्लांट और मशीनरी, इसका मूल्य एक करोड़ 25 लाख
- कई बैंक खातों में जमा दो लाख से ज्यादा रुपये 

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