तेतरावां में है बुद्ध की स्पर्श मुद्रा में काले पत्थर की देश की सबसे बड़ी मूर्ति
-गुमनामी में है बुद्ध की यह स्थली, अभी भी नहीं मिल सका है पर्यटन स्थल का दर्जा पावापुरी। अनिल उपाध्याय नालंदा जिले के तेतरावां में बुद्ध की काले पत्थर की देश की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित है. तकरीबन बारह फुट ऊंची और छह फुट चौड़ी यह मूर्ति भूमि स्पर्श मुद्रा में है जो दुर्लभ है. यह मूर्ति यहां पर तालाब की खुदाई के दौरान मिली थी. इन्हें स्थानीय ग्रामीण भैरो बाबा कहकर पुकारते हैं. पुरातत्व विदों की मानें तो 10वीं सदी की यह मूर्ति पाल काल के दौरान निर्मित हैं. इस मूर्ति में दर्शाया गया है कि भगवान बुद्ध को जब बोधगया में तपस्या के बाद ज्ञान की प्राप्ति हुई तब उन्होंने साक्षी मानते हुए बोधगया की भूमि का स्पर्श कर अभिवादन किया था. उनकी यह मुद्रा पाल काल में बनी बुद्ध की मूर्तियों में दिखायी देती है. इन सब खासियतों के बावजूद तेतरावां गुमनामी में है. जहां बुद्ध से जुड़े छोटे से छोटे स्थल भी पर्यटन के मानचित्र पर आ गये और वहां विकास की गंगा बहती है लेकिन अभी तक यह भूमि अपेक्षित है. पावापुरी से महज 8 किमी और जिला मुख्यालय बिहारशरीफ से 12 किमी दूर तेतरावां विकास के पैमाने से कोसों दू...