अच्छी खबर: सौर ऊर्जा से रोशन होगा पावापुरी का जल मंदिर
-प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति, सौर ऊर्जा का होगा सकारात्मक इस्तेमाल
पावापुरी। जैनियों की प्रसिद्ध तीर्थ स्थली पावापुरी का जलमंदिर अब सौर ऊर्जा से राेशन होगा. सरकार की योजना के मुताबिक बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी ब्रेडा जलमंदिर परिसर को रोशन करेगी. प्रयोग के तौर पर शुरूआत में चार सौर ऊर्जा का पैनल और बैट्री जैन श्वेतांबर भंडार को हवाले किया गया है. इसके बाद पूरा परिसर सौर उर्जा से रोशन करने की योजना है. इसके लिए कवायद शुरु कर दी गयी है. ब्रेडा कंपनी ने पहले आकर मुआयना किया. इसके बाद प्रयोग के तौर पर चार सौर ऊर्जा पैनल प्रदान किया गया है. इसे अभी लगा भी दिया गया है. अभी जल मंदिर में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जेनरेटर सेट की व्यवस्था की गयी है. इससे प्रदूषण होता है यदि सौर ऊर्जा पूरी तरह लग गया तो इसके बाद प्रदूषण से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
मुख्यमंत्री नवीकरण योजना के तहत लग रहा सौर ऊर्जा
मुख्यमंत्री नवीन एवं नवीकरण योजना अंतर्गत परिसर में 25-25 किलो वाट के बैकअप वाले सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा रहा है. प्लांट लगाने का जिम्मा ब्रेडा कम्पनी को मिला है. कंपनी के द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने हेतु तमाम आवश्यक उपकरण की आपूर्ति कर दिया गया है. जिसके बाद चार पैनल विशेषज्ञों द्वारा लगाये गये. दो पैनल जहां जलमंदिर में प्रवेश करने के साथ ही लगाया गया है वहीं बाकी दो पैनल अंदर मंदिर परिसर में लगाए गये हैं.
कहते हैं प्रबंधक: सरकार का काफी बेहतर कदम
जैन श्वेतांबर भंडार के प्रबंधक गीतम मिश्र कहते हैं कि जलमंदिर में अभी बिजली नहीं रहने पर जेनरेटर से बिजली की आपूर्ति होती थी. अब सरकार ऊर्जा के अन्य स्रोतों का इस्तेमाल करना चाह रही है. यह काफी बेहतर कदम है. सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने से प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी. ब्रेडा द्वारा दिये गये चारों पैनल अभी लगा दिये गये हैं.
पावापुरी। जैनियों की प्रसिद्ध तीर्थ स्थली पावापुरी का जलमंदिर अब सौर ऊर्जा से राेशन होगा. सरकार की योजना के मुताबिक बिहार रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी ब्रेडा जलमंदिर परिसर को रोशन करेगी. प्रयोग के तौर पर शुरूआत में चार सौर ऊर्जा का पैनल और बैट्री जैन श्वेतांबर भंडार को हवाले किया गया है. इसके बाद पूरा परिसर सौर उर्जा से रोशन करने की योजना है. इसके लिए कवायद शुरु कर दी गयी है. ब्रेडा कंपनी ने पहले आकर मुआयना किया. इसके बाद प्रयोग के तौर पर चार सौर ऊर्जा पैनल प्रदान किया गया है. इसे अभी लगा भी दिया गया है. अभी जल मंदिर में विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए जेनरेटर सेट की व्यवस्था की गयी है. इससे प्रदूषण होता है यदि सौर ऊर्जा पूरी तरह लग गया तो इसके बाद प्रदूषण से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
मुख्यमंत्री नवीकरण योजना के तहत लग रहा सौर ऊर्जा
मुख्यमंत्री नवीन एवं नवीकरण योजना अंतर्गत परिसर में 25-25 किलो वाट के बैकअप वाले सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा रहा है. प्लांट लगाने का जिम्मा ब्रेडा कम्पनी को मिला है. कंपनी के द्वारा सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित करने हेतु तमाम आवश्यक उपकरण की आपूर्ति कर दिया गया है. जिसके बाद चार पैनल विशेषज्ञों द्वारा लगाये गये. दो पैनल जहां जलमंदिर में प्रवेश करने के साथ ही लगाया गया है वहीं बाकी दो पैनल अंदर मंदिर परिसर में लगाए गये हैं.
कहते हैं प्रबंधक: सरकार का काफी बेहतर कदम
जैन श्वेतांबर भंडार के प्रबंधक गीतम मिश्र कहते हैं कि जलमंदिर में अभी बिजली नहीं रहने पर जेनरेटर से बिजली की आपूर्ति होती थी. अब सरकार ऊर्जा के अन्य स्रोतों का इस्तेमाल करना चाह रही है. यह काफी बेहतर कदम है. सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने से प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी. ब्रेडा द्वारा दिये गये चारों पैनल अभी लगा दिये गये हैं.



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